विश्वविद्यालय
में प्रवेश प्रक्रिया और अन्य संबंधित सूचना
विश्वविद्यालय
के विभिन्न अध्ययन पाठ्यक्रमों में प्रवेश, विश्वविद्यालय की प्रवेश नीति के
प्रावधानों और विश्वविद्यालय की विद्या परिषद् द्वारा समय-समय पर अनुमोदित की गई
प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं।
प्रत्येक अध्ययन
पाठ्यक्रम में उपलब्ध सीटों (एम.ए./एम.फिल./पी-एच.डी. पाठ्यक्रमों सहित) की संख्या
संबंधित केंद्रों/संस्थानों की सिफ़ारिश के आधार पर विद्या परिषद् द्वारा
निर्धारित की जाती है। सीधे पी-एच.डी. पाठ्यक्रमों की सीटें केंद्रों/संस्थानों
द्वारा एम.फिल./पी-एच.डी. पाठ्यक्रमों के लिए निर्धारित की गई सीटों के अतिरिक्त
होती हैं।
आरक्षण :
22.5% स्थान अ.जा./अ.ज.जा. (क्रमश :15% और 7.5%, आवश्यक होने पर सीटों के अनुपात
में परिवर्तन किया जा सकता है) और 3% स्थान शारीरिक रूप से विकलांग उम्मीदवारों
के लिए आरक्षित हैं। इसके अतिरिक्त्त अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में निश्चित
सीटों के अलावा 10% सीटें विदेशी छात्रों के लिए आरक्षित हैं। विदेशी छात्रों के
लिए निर्धारित 10% सीटों में से 5% सीटें प्रवेश-परीक्षा के माध्यम से तथा 5% सीटें
'एब्सेंसिया` में भरी जाती हैं। आवश्यक होने पर सीटों के अनुपात में परिवर्तन किया
जा सकता है।
प्रवेश सूचना
: प्रवेश संबंधी सूचना अखिल भारतीय स्तर पर राष्ट्रीय समाचार-पत्रों और देश
के विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी समाचार-पत्रों में फरवरी माह के लगभग द्वितीय
सप्ताह में प्रकाशित की जाती है।
विश्वविद्यालय
के विभिन्न अध्ययन पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा प्रत्येक वर्ष मई
माह में भारत के विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित लगभग 51 परीक्षा
केंद्रों के साथ-साथ काठमांडु (नेपाल) में स्थित परीक्षा केंद्र पर आयोजित की जाती
हैं। विश्वविद्यालय बिना कारण बताए परीक्षा केंद्र में परिवर्तन/रद्द करने का
अधिकार रखता है।
प्रवेश प्रक्रिया
में और सुधार लाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश समिति की निम्नलिखित
सिफारिशों/प्रस्तावों को कार्यान्वित किया गया है :
(१) प्रवेश
पद्धति को अधिक पारदर्शी बनाने की दॄष्टि से प्रवेश-परीक्षा की डिकोडिड उत्तर
पुस्तिकाओं को उन संबंधित केन्द्रों/संस्थानों के प्रतिनिधियों को दिखाया जा सकता
है जो मेरिट लिस्ट जारी होने से पहले इनकी जाँच करने के इच्छुक हों।
(२) विभिन्न
विषयों की चयन सूची में उम्मीदवारों के नामों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए
उनके विकल्प के आधार पर चयनित उम्मीदवारों की सूची को सिंक्रोनाइज्ड किया जाता
है। इसके लिए एक आवेदन-पत्र में उम्मीदवार समान स्तर के एम.ए. और शोध पाठ्यक्रमों
में प्रवेश हेतु अधिकतम तीन विषयों में आवेदन कर सकता है और विदेशी भाषाओं के
बी.ए. पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अधिकतम पाँच भाषाओं में आवेदन कर सकता है।
संयुक्त
प्रवेश परीक्षा
जवाहरलाल नेहरू
विश्वविद्यालय एम.एस-सी. (बायोटेक्नोलॉजी), एम.एस-सी. (एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी), एम.वी.एस-सी. (एनीमल बायोटेक्नोलॉजी) और एम.टेक. (बायोटेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रमों
में प्रवेश के लिए निम्नलिखित प्रतिभागी विश्वविद्यालयों में प्रवेश हेतु एक
संयुक्त्त प्रवेश-परीक्षा आयोजित करता है। ये प्रतिभागी विश्वविद्यालय हैं -
-
इलाहाबाद
विश्वविद्यालय, इलाहाबाद;
-
अन्नामलाई
विश्वविद्यालय, तमिलनाडु;
-
बनारस हिंदू
विश्वविद्यालय, वाराणसी;
-
बर्दवान
विश्वविद्यालय, गोलापबाग;
-
कालिकट
विश्वविद्यालय, केरल;
-
देवी अहिल्या
विश्वविद्यालय, इन्दौर;
-
गोवा
विश्वविद्यालय, गोवा;
-
गुलबर्ग
विश्वविद्यालय, गुलबर्ग;
-
गुरु जम्भेश्वर
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार;
-
गुरु नानकदेव
विश्वविद्यालय, अमृतसर;
-
हिमाचल प्रदेश
विश्वविद्यालय, शिमला;
-
एच.एन.बी.
गढ़वाल विश्वविद्यालय, गढ़वाल;
-
हैदराबाद
विश्वविद्यालय, हैदराबाद;
-
जम्मू
विश्वविद्यालय, जम्मू;
-
जवाहरलाल नेहरू
विश्वविद्यालय, नई दिल्ली;
-
कुमाऊँ
विश्वविद्यालय, नैनीताल;
-
लखनऊ
विश्वविद्यालय, लखनऊ;
-
मदुरई कामराज
विश्वविद्यालय, मदुरई;
-
एम.एस.
विश्वविद्यालय, बड़ौदा;
-
मैसूर
विश्वविद्यालय, मैसूर;
-
नार्थ बंगाल
विश्वविद्यालय, सिलीगुड़ी
-
पांडिचेरी
विश्वविद्यालय, पांडिचेरी;
-
पुणे
विश्वविद्यालय, पुणे;
-
पंजाबी
विश्वविद्यालय, पटियाला;
-
आर.टी.एम.
नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर;
-
सरदार पटेल
विश्वविद्यालय, गुजरात;
-
टेरी विश्वविद्यालय, नई दिल्ली;
-
तेजपुर
विश्वविद्यालय, तेजपुर, (असम);
-
थापर
विश्वविद्यालय (पूर्व-थापर इंजीनियरी और प्रौद्योगिकी संस्थान), पटियाला;
-
टी. एम. भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर;
-
उत्कल
विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर;
- वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर;
- विश्वभारती
विश्वविद्यालय, शान्तिनिकेतन;
- अन्ना
विश्वविद्यालय, चैन्नई;
- कोची विज्ञान और प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय, कोची;
- पश्चिम बंगाल प्रौद्योगिकी
विश्वविद्यालय, कोलकाता
लिखित परीक्षा
: विभिन्न अध्ययन पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु देश भर में फैले विभिन्न चयनित
परीक्षा केंद्रों पर लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है। यह लिखित परीक्षा मई माह
के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाती है। प्रत्येक पाठ्यक्रम अथवा अध्ययन
पाठ्यक्रम के लिए तीन घंटे की अवधि वाला एक प्रश्न-पत्र तैयार किया जाता है।
प्रवेश-परीक्षा चार दिन होती है। प्रत्येक दिन दो सत्रों में परीक्षा होती है,
जिनमें तीन-तीन घंटे के प्रश्न-पत्र होते हैं। उम्मीदवारों को विभिन्न पाठ्यक्रमों
में प्रवेश उनके द्वारा लिखित-परीक्षा में प्राप्त्त मेरिट व मौखिक-परीक्षा (जहाँ
निर्धारित हो) के आधार पर दिया जाता है।
प्रवेश-परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु अपेक्षित पात्रता : प्रवेश-परीक्षा
में सम्मिलित होने के लिए अपेक्षित पात्रता (सामान्य वर्ग एवं आरक्षित वर्ग दोनों
के लिए) विश्वविद्यालय द्वारा बनाए गए मार्गदर्शी सिद्धान्तों के अनुसार होती है।
पाठ्यक्रम विशेष में प्रवेश हेतु निर्धारित अर्हक परीक्षा में बैठने वाले
उम्मीदवारों को भी प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है। परन्तु प्रवेश
हेतु चुन लिए जाने की स्थिति में उनका प्रवेश अर्हक परीक्षा में निर्धारित अंक
प्राप्त करने तथा अर्हक परीक्षा की अंतिम अंक तालिका सहित सभी प्रमाण-पत्र
प्रस्तुत करने पर ही मान्य होता है। किसी भी अध्ययन पाठ्यक्रम में प्रवेश की
अंतिम तिथि वर्ष की 14 अगस्त होती है। इसके बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता।
मौखिक परीक्षा
: एम.फिल./पी-एच.डी./प्री-पी-एच.डी. पाठ्यक्रमों और विदेशी भाषाओं (अंग्रेजी
को छोड़कर) में पाँच वर्षीय एकीकृत एम.ए. पाठ्यक्रमों के चौथे वर्ष में प्रवेश
लेने वाले उम्मीदवारों को एक मौखिक-परीक्षा देनी होती है। इस परीक्षा के लिए 30%
अंक आबंटित है। केवल उन्हीं उम्मीदवारों को एम.फिल./पी-एच.डी./प्री-पी-एच.डी.
और एम.ए. (विदेशी भाषाओं में चतुर्थ वर्ष) पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु मौखिक
परीक्षा मे बुलाने के लिए पात्र माना जाता है जिन्होंने लिखित परीक्षा में
न्यूनतम क्रमश: 35% और 25% अंक प्राप्त्त किए हों। अ.जा./अ.ज.जा. और शारीरिक रूप से
विकलांग उम्मीदवारों के लिए10% अंकों की छूट होती है। प्रत्येक अध्ययन पाठ्यक्रम
में सामान्यत: विद्या परिषद् द्वारा अनुमोदित सीटों से तीन गुना उम्मीदवारों को
ही मौखिक-परीक्षा के लिए बुलाया जाता है।
उम्मीदवारों
का चयन : प्रत्येक कोर्स/अध्ययन पाठ्यक्रम के लिए सामान्य, अ.जा./अ.ज.जा.,
शारीरिक रूप से विकलांग और विदेशी उम्मीदवारों की पृथक्-पृथक् योग्यता-क्रम सूची
तैयार की जाती है। विभिन्न अध्ययन पाठ्यक्रमों में उम्मीदवारों को अंतिम रूप से
प्रवेश उम्मीदवारों से संबंधित वर्गों में इंटर-से-मेरिट के आधार पर दिया जाता
है। यह मेरिट उम्मीदवार की लिखित परीक्षा और मौखिक परीक्षा (जहाँ निर्धारित हो)
में प्राप्त अंकों और अतिरिक्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है।
पंजीकरण :
जो उम्मीदवार प्रवेश के लिए चुन लिए जाते हैं, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे
प्रत्येक वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा बनाई जाने वाली समय-सारणी के अन्दर ही अपना
पंजीकरण करा लें।
अध्ययन -
पाठ्यक्रम : विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों में पी-एच.डी., एम.फिल./पी-एच.डी./एम.टेक./पी-एच.डी
और एम.सी.एच/पी-एच.डी., तथा एम.एस-सी. व एम.ए. तथा विदेशी भाषाओं में स्नातक
पाठ्यक्रम चलाता है। इसके अतिरिक्त्त, विदेशी भाषाओं में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा
कोर्स भी चलाए जाते हैं।
विश्वविद्यालय
अपने विभिन्न संस्थानों और केन्द्रों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण एवं शोध पाठ्यक्रमों
और इनके लिए निर्धारित पाठ्यचर्या के माध्यम से इस तरह की नीतियाँ तथा कार्यक्रम
तैयार करने का प्रयास करता है, जो कि पहले से ही उपलब्ध सुविधाओं का प्रसार करने
की बजाए उच्च शिक्षा सम्बन्धी राष्ट्रीय संसाधनों में एक विशिष्ट प्रकार की वृद्धि
करते हैं। विश्वविद्यालय ने उपलब्ध वित्तीय और भौतिक संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों
की प्राप्ति की है।