स्वास्थ्य केंद्र
विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना
वर्ष 1973 में छात्रों के लिए मेडिकल केयर यूनिट के रूप में हुई थी। लेकिन जल्दी
इसकी परामर्श, जाँच और इलाज की सुविधाएँ शिक्षकों, स्टाफ-सदस्यों और परिसर में रहने
वाले अन्य लोगों को दी जाने लगीं। स्वास्थ्य केंद्र शुरू से ही छात्रों को रोगों की
रोकथाम, उपचार और स्वास्थ्य शिक्षा संबंधी सेवाएँ मुहैया करा रहा है। यह एक
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है, जिसमें सामान्य ओ.पी.डी. और विशेषज्ञ ओ.पी.डी. की
सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसमें इनडोर सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। विश्वविद्यालय कर्मचारियों के इलाज के लिए के.स.स्वा.यो. की डिस्पेंसरी भी हैं।
स्वास्थ्य केंद्र
: स्वास्थ्य केंद्र विश्वविद्यालय के उत्तरी द्वार से 300 मीटर पर और गंगा
छात्रावास के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।
स्टाफ : मुख्य चिकित्सा अधिकारी यूनिट के
प्रभारी हैं। विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी, अंशकालिक
विशेषज्ञ, एक होमियोपैथिक फिजिशियन, एक स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, एक वरिष्ठ तकनीकी
सहायक, एक तकनीकी सहायक और अन्य सहायक स्टाफ है। केंद्र में मच्छरों और उनसे
उत्पन्न होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए भी स्टाफ उपलब्ध है।
ओ.पी.डी. सेवाएं
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विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के पूर्णकालिक चिकित्सक प्राथमिक स्वास्थ्य
संबंधी सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं। छात्र परामर्श और इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र
में आ सकते हैं।
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विशेषज्ञ : विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में मेडिसिन, नेत्र
रोग, दंत रोग, मनो रोग, चर्म रोग और कान, नाक, गला रोगों की चिकित्सा के लिए
विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श/इलाज के लिए पहले से ही समय लेना अपेक्षित है। कारण
इनके रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक अंशकालिक होते हैं तथा सप्ताह में विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित अवधि के लिए आते हैं।
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होमियोपैथिक चिकित्सक द्वारा होमियोपैथी
चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
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स्वास्थ्य केंद्र की फार्मेंसी से केवल
छात्रों के लिए नि:शुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
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केंद्र की प्रयोगशाला
में छात्रों और सेवा-निवृत्त स्टाफ सदस्यों के लिए हेमेटोलॉजीकल और बायोकेमिकल
संबंधी सावधिक जाँच की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
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नियमित टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध
है।
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विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में जो चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध नहीं हैं उनके
लिए रोगी को विशेषज्ञों से इलाज कराने के लिए सार्वजनिक अस्पतालों में रेफर किया
जाता है।
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विश्वविद्यालय में चिकित्सा जाँच केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए की
जाती है।
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विवाहित छात्र अपने परिवार के सदस्यों (केवल पत्नि और बच्चों) के लिए
स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा संबंधी सुविधाएँ प्राप्त कर सकते हैं। इसके
लिए उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा समय-समय पर निर्धारित चिकित्सा शुल्क का भुगतान
करना होगा। छात्र अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य केंद्र से सम्पर्क कर सकते हैं।
एम्बुलेंस सेवा : सामान्यत: एम्बुलेंस सेवा रोज़ाना 24 घंटे उपलब्ध रहती है।
वे सेवाएँ जो उपलब्ध नहीं हैं :
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दंत सेवाएँ जैसे - डेंचर बनाना, रूट केनाल
ट्रीटमेंट आदि।
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रोज़गार, बीमा, कानूनी और अन्य गै़र-शैक्षिक उद्देश्यों
के लिए
चिकित्सा जाँच/प्रमाण-पत्र जारी करना।
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निदान और इलाज के अलावा अन्य उद्देश्यों
के लिए प्रयोगशाला जाँच और एक्स-रे।
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आपात स्थिति या गम्भीर रोग की स्थिति में
डाक्टर द्वारा अधिकृत किए जाने के अलावा एम्बुलेंस/टैक्सी की सुविधा।
स्वास्थ्य
केंद्र की समय-सारणी : स्वास्थ्य केंद्र सभी कार्य-दिवसों (सोमवार से शनिवार तक)
में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे और शाम4 बजे से 9 बजे तक खुला रहता है। शाम के समय
अंशकालिक चिकित्सकों की सेवाएँ उपलब्ध रहती हैं। छात्रों को आवश्यक दवाइयाँ भी
मुहैया कराई जाती हैं। होली, दशहरा, दीपावली, रविवार और राष्ट्रीय अवकाशों के दिन
स्वास्थ्य केंद्र बंद रहता है।
चिकित्सा सेवा शुल्क : सभी पूर्णकालिक छात्रों को
वार्षिक चिकित्सा सेवा शुल्क के रूप में 9/- रु. का भुगतान करना अनिवार्य है। छात्रों
को पंजीकरण के समय चिकित्सा-पुस्तिका के लिए 12/- रू. जमा करने होते हैं।
विदेशी
छात्रों के लिए चिकित्सा सेवाएँ : भारतीय छात्रों की तरह विदेशी छात्रों को भी
चिकित्सा सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। जो विदेशी छात्र नर्सिंग होम/प्राइवेट
अस्पतालों की सुविधाओं का उपयोग करना चाहते हैं, वे अपने खर्चे पर चिकित्सा बीमा करा
सकते हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा : स्वास्थ्य शिक्षा विश्वविद्यालय स्वास्थ्य सेवाओं का
एक अभिन्न अंग है। एच.आई.वी./एड्स और जन-स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं पर समय-समय
पर व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं।
परामर्श सेवाएँ : विश्वविद्यालय स्वास्थ्य
केंद्र अपने सुप्रशिक्षित विशेषज्ञों के माध्यम से छात्रों के लिए सामान्य परामर्श
सेवाएँ उपलब्ध कराता है। तनाव, पारिवारिक कलह, माता-पिता, भाई और बहन या अभिजात
वर्गों में परस्पर बातचीत न हो पाना, मूल्यों से संबंधित मतभेद, अव्यवस्था, कैरियर,
डिप्रेशन, अकेलापन, नशाखोरी, सेक्स संबंधी समस्याएँ आज के जीवन का हिस्सा बन गई हैं
और ये समस्याएँ व्यक्ति पर मनोवैज्ञानिक दॄष्टि से प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।
केंद्र इन समस्याओं के समाधान के लिए परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराता है। केंद्र
एच.आई.वी./एड्स के लिए भी परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराता है। केंद्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को एच.आई.वी./एड्स रोग, समाज पर इसके प्रभाव और मुख्यत: इसकी
रोकथाम के लिए शिक्षित/ जागरूक करना है। केंद्र रोग की जाँच से पहले और बाद में भी
परामर्श सेवाएँ उपलब्ध कराता है।
गोपनीयता के संबंध में सामान्य नीति: चिकित्सकों और
रोगग्रस्त छात्रों के बीच विशेष संबंध होता है। रोगियों के व्यक्तिगत और रोग संबंधी
विवरण को पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। रोग के बारे में अपने माता-पिता और अन्य
संबंधियों को जानकारी देने की ज़िम्मेदारी सामान्यत: छात्र की होती है। यदि छात्र
की स्थिति गम्भीर है और वह अपने माता-पिता तथा अन्य संबंधियों को सूचित करने में
असमर्थ है तथा वह स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर की देख-रेख में है तो ऐसी स्थिति में विश्वविद्यालय उसके माता-पिता तथा अन्य संबंधियों को सूचित करेगा।
स्वास्थ्य
सलाहकार समिति स्वास्थ्य सलाहकार समिति में छात्रों का प्रतिनिधित्व होता है और यह
समिति स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने वालों और इनका उपभोग करने वालों के बीच
सम्पर्क का कार्य करती है। समिति स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन करती है और सेवाओं
में विस्तार के लिए सिफारिश करती है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
गौतम महापात्र (प्रभारी)
अनुराधा चौहान