जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की स्थापना जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अधिनियम, 1966 (1966 का 53) के अंतर्गत दिनांक 22.12.1966 को की गई। यह विश्वविद्यालय 22.04.1969 को अस्तित्व में आया (अधिसूचना संख्या F.16-1/69-U.2, दिनांक 21.04.1969) तथा इसका उद्घाटन 14 नवम्बर 1969 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री वी. वी. गिरि द्वारा किया गया।

 

जेएनयू का परिसर 1000 एकड़ के ऊबड़-खाबड़ भू-भाग में फैला हुआ है। जेएनयू भारत का अग्रणी विश्वविद्यालय तथा शिक्षण और अनुसंधान का विश्व-प्रसिद्ध केंद्र है। भारत में उत्कृष्टता संस्थान (Institute of Eminence) के रूप में जेएनयू एक उन्नत और एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने की आकांक्षा रखता है, जिसमें संसाधनों, नवोन्मेषी सोच और सुविचारित योजना का अद्वितीय संयोजन हो, जो इसे विश्वस्तरीय संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करे। जेएनयू की व्यापक रणनीति ऐसे तंत्र विकसित करना है जिनमें रणनीतिक योजना और क्रियान्वयन का चक्र, निश्चित समय-सीमा में कार्यान्वयन, वास्तविक समय में परियोजना प्रगति की निगरानी तथा सुदृढ़ समीक्षा प्रणाली शामिल हो, ताकि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को अन्य आत्मनिर्भर और स्वावलंबी विश्वस्तरीय शिक्षण एवं अनुसंधान प्रणालियों की श्रेणी में अग्रसर किया जा सके।

 

विश्वविद्यालय की परिकल्पना मुख्यतः स्नातकोत्तर शिक्षण और अनुसंधान संस्थान के रूप में की गई थी। वर्तमान में विश्वविद्यालय में तेरह स्कूल हैं। इसके अतिरिक्त इसमें नौ विशेष केंद्र भी हैं।

 

स्कूल (Schools)
• अटल बिहारी वाजपेयी प्रबंधन एवं उद्यमिता स्कूल
• कला एवं सौंदर्यशास्त्र स्कूल
• जैव प्रौद्योगिकी स्कूल
• संगणनात्मक एवं एकीकृत विज्ञान स्कूल
• कंप्यूटर एवं प्रणाली विज्ञान स्कूल
• इंजीनियरिंग स्कूल
• पर्यावरण विज्ञान स्कूल
• अंतरराष्ट्रीय अध्ययन स्कूल
• भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन स्कूल
• जीवन विज्ञान स्कूल
• भौतिक विज्ञान स्कूल
• संस्कृत एवं भारतीय अध्ययन स्कूल
• सामाजिक विज्ञान स्कूल

 

विशेष केंद्र (Special Centres)
• विधि एवं प्रशासन अध्ययन केंद्र
• आपदा अनुसंधान विशेष केंद्र
• ई-लर्निंग विशेष केंद्र
• आणविक चिकित्सा विशेष केंद्र
• नैनोविज्ञान विशेष केंद्र
• राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन विशेष केंद्र
• तमिल अध्ययन विशेष केंद्र
• उत्तर-पूर्व भारत अध्ययन विशेष केंद्र
• श्रीमंत शंकरदेव भारतीय अध्ययन विशेष केंद्र

 

तेरह स्कूलों में से अंतरराष्ट्रीय अध्ययन स्कूल, सामाजिक विज्ञान स्कूल तथा भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन स्कूल के अंतर्गत विभिन्न केंद्र कार्यरत हैं, जबकि अन्य स्कूल एकात्मक प्रकृति के हैं और उनके अंतर्गत कोई केंद्र नहीं है। ये सभी स्कूल/केंद्र अंतःविषयक अध्ययन को बढ़ावा देते हैं, जो जेएनयू की एक विशिष्ट विशेषता है।

 

विश्वविद्यालय ने लगभग 60 वर्षों की यात्रा पूर्ण कर ली है और शिक्षण तथा अनुसंधान की अपनी विशिष्ट आधुनिक तकनीकों के कारण अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त की है।

 

अन्य विश्वविद्यालयों के विपरीत, जेएनयू की शैक्षिक दर्शन उसकी व्यापक एवं अंतःविषयक शैक्षणिक संरचना में परिलक्षित होता है, जो स्कूलों/केंद्रों/विशेष केंद्रों के भीतर कार्यरत है। इसलिए विश्वविद्यालय की मूल शैक्षणिक इकाइयाँ एकल-विषय विभाग नहीं, बल्कि बहुविषयक अध्ययन स्कूल हैं। एक स्कूल को विभिन्न विषयों के विद्वानों के समुदाय के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो विषय-वस्तु, कार्यप्रणाली तथा समस्यात्मक क्षेत्रों के संदर्भ में परस्पर जैविक रूप से जुड़े होते हैं।

 

चूँकि विश्वविद्यालय मुख्यतः शिक्षण और अनुसंधान कार्यक्रमों में संलग्न है, इसलिए इसकी गतिविधियाँ निश्चित समय वाली कक्षाओं तक सीमित नहीं हैं। एक आवासीय विश्वविद्यालय होने के कारण, जहाँ छात्रावास और शिक्षकों के आवास परस्पर जुड़े हुए हैं, छात्रों की शिक्षण और अनुसंधान गतिविधियाँ कक्षा समय और सामान्य कार्यालय समय से आगे तक विस्तारित रहती हैं।

 

विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप अंतःविषयक और बहुविषयक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करना है, साथ ही इस तथ्य को स्वीकार करना है कि ज्ञान अविभाज्य है।